आशा उद्धार का भाग है

डेरिक प्रिंस हिंदी में
Published: 2017
Last Updated: 2026 m. rugsėjis
Read Time: 10
This teaching is not currently available in Lietuvių.
हमारे दैनिक जीवन के लगभग हर पहलू के लिए आशा का उपहार कितना महत्वपूर्ण है! यह जीवन के लिए एक सहायक धारा है—जो हमें हर घंटे, हर दिन आगे बढ़ाती है। यही कारण है कि आशा की कमी इतनी हानिकारक हो सकती है—और क्यों हमें इस पत्र में आशा पर डेरिक की शक्तिशाली शिक्षा की आवश्यकता है।
इस श्रृंखला के अपने प्रत्येक पिछले परिचयों में, मैंने आशाहीनता के साथ अपनी व्यक्तिगत लड़ाई के बारे में संक्षेप में साझा किया है। भले ही मैं एक परिपक्व मसीही और बाइबिल शिक्षक था, लेकिन मैं इस तरह की पीड़ा से बचा हुआ नहीं था। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि कई मसीही आज स्वयं को उसी हताश संघर्ष में पाते हैं।
आशाहीनता मानव अनुभव में सबसे दुखद स्थितियों में से एक है, लेकिन मेरा मानना है कि वास्तविक, बाइबल की आशा का अनुभव करना संभव है। क्यों? क्योंकि आशा पवित्र आत्मा की शक्ति के माध्यम से यीशु मसीह में हमारे उद्धार का भाग है! पवित्रशास्त्र से और अपने स्वयं के अनुभव से, मैं आषा पर अपनी ५-भागों की श्रृंखला के इस चौथे संस्करण में इस विशय पर आपके साथ विचार साझा करूँगा।
सात आवश्यक सत्य
आइए, इस विशय पर अपनी पिछली चर्चाओं में हमारे द्व ारा स्थापित सात धर्मषास्त्रीय तथ्यों को संक्षेप में बताकर इस संस्करण को फारंभ करें। सबसे पहले, मसीही जीवन में तीन आत्मिक वास्तविकताएँ हैं: विश्वास, आशा और प्रेम। प्रभावशाली मसीही जीवन के लिए प्रत्येक आवष्यक है। दूसरा, आशा नए जन्म से उत्पन्न होती है; हमने मरे हुओं में से यीशु मसीह के पुनरुत्थान द्वारा एक जीवित आशा में जन्म लिया है। तीसरा तथ्य इस कथन द्वारा व्यक्त किया गया है, “आशा मसीह के पुनरुत्थान पर आधारित है।” चौथा, आशा मसीह की वापसी की ओर देखती है। यही वह धन्य आशा है जो सभी सच्चे मसीहियों के सामने रखी गई है। पाँचवाँ, आशा का स्रोत परमेश्वर का प्रेम है। छठवाँ, बाइबल की आशा हमें पवित्र जीवन के लिए प्रेरित करती है। सातवाँ, इस प्रकार की आशा आत्मविश्वास से भरपूर, उज्ज्वल मसीहियों को उत्पन्न करती है।
ये सत्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए मैं उन्हें पुनः समीक्षा के लिए सूचीबद्ध करूँगाः
- पहला, मसीही जीवन में तीन आत्मिक वास्तविकताएँ हैं: विश्वास, आशा और प्रेमा
- दू सरा, आशा नए जन्म से उत्पन्न होती है।
- तीसरा, आशा मसीह के पुनरुत्थान पर आधारित है।
- चौथा, आशा मसीह की वापसी की ओर देखती है।
- पाँचवाँ, आशा का स्रोत परमेश्वर का प्रेम है।
- छठवाँ, आशा हमें पवित्र जीवन के लिए प्रेरित करती है।
- सातवाँ, इस प्रकार की आशा आत्मविश्वास से भर पूर, उज्ज्वल मसीहियों को उत्पन्न करती है।
एक आश्चर्यजनक सत्य
इस संदेश में, मैं बताऊँगा कि क्यों आशा उद्धार का एक अनिवार्य भाग है। अलग-अलग विभागीय पृष्ठभूमि वाले अधिकांश मसीहियों में किसी न किसी प्रकार की जागरूकता होती है कि आप विश्वास के बिना उद्धार नहीं पा सकते हैं। हम सभी धर्मशास्त्र के इस प्रसिद्ध कथन से परिचित हैं, “धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा।” यह पूरी तरह से सच है। हालाँकि, यह आपके लिए आश्चर्य की बात हो सकती है कि पूर्ण सच्चाई यह नहीं है। इस पाठ में मैं जिस बात पर जोर देना चाहता हूँ वह यह है कि आप बिना आशा के उद्धार नहीं पा सकते हैं। आशा भी मुक्ति का एक अनिवार्य भाग है।
रोमियों 8:24 और 25 में पौलुस कहते हैं,
“आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहाँ रही? क्योंकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उसकी आशा क्या करेगा?” इस संदेश में, मैं बताऊँगा कि क्यों आशा उद्धार का एक अनिवार्य भाग है।
अलग-अलग विभागीय पृष्ठभूमि वाले अधिकांश मसीहियों में किसी न किसी प्रकार की जागरूकता होती है कि आप विश्वास के बिना उद्धार नहीं पा सकते हैं। हम सभी धर्मशास्त्र के इस प्रसिद्ध कथन से परिचित हैं, “धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा।” यह पूरी तरह से सच है। हालाँकि, यह आपके लिए आश्चर्य की बात हो सकती है कि पूर्ण सच्चाई यह नहीं है। इस पाठ में मैं जिस बात पर जोर देना चाहता हूँ वह यह है कि आप बिना आशा के उद्धार नहीं पा सकते हैं। आशा भी मुक्ति का एक अनिवार्य भाग है।
पौलुस आगे कहते हैं कि आशा दृढ़ता उत्पन्न करती है। वह कहते हैं, “यदि हम उन बातों के लिए आशा करते हैं, जिन्हें नहीं देखते हैं, तो हम दृढ़ता के साथ उसके लिए बेसब्री से इंतजार करते हैं।” दृढ़ता भी हमारे उद्धार का एक अनिवार्य भाग है। पवित्रशास्त्र के कई भाग इस बात पर जोर देते हैं कि हमें उस विश्वास के पूरा होने तक अपने विश्वास में बने रहना चाहिए। तो, आशा (और इसके साथ, दृढ़ता) उद्धार के लिए आवश्यक है।
एक भेद प्रकट किया गया
यह सच्चाई—कि आशा उद्धार के लिए आवश्यक है—पौलुस ने अपनी पत्रियों के अन्य भाग में स्पष्ट की है। मैं कुलुस्सियों 1:25-27 को नया नियम के सबसे सुंदर और रोमांचक भागों में से एक मानता हूँ। और मेरा विश्वास कीजिए, नया नियम में बहुत सारे सुंदर और रोमांचक भाग हैं! पौलुस यह कहते हैंः
जिस का मैं परमेश्वर के उस प्रबन्ध के अनुसार सेवक बना, जो तुम्हारे लिये मुझे सौंपा गया, ताकि मैं परमेश्वर के वचन को पूरा-पूरा प्रचार करूँ। अर्थात् उस भेद को जो समयों और पीढ़ियों से गुप्त रहा, परन्तु अब उसके उन पवित्र लोगों पर प्रगट हुआ है। जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।
अपनी इस बात पर जोर देने के लिए आइए हम अंतिम पद को पुनः देखें।
जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।
इस भाग में, पौलुस हमें बता रहे हैं कि वह परमेश्वर द्वारा उसके लोगों (कलीसिया) पर परमेश्वर के वचन को उसकी पूर्णता में प्रस्तुत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था। फिर वह आगे समझाता है कि परमेश्वर के वचन की पूर्णता का क्या अर्थ है। पौलुस कहता है कि परमेश्वर के वचन की सच्चाई की पूर्ण प्रस्तुति में एक “भेद“ शामिल है जिसे “युगों और पीढ़ियों से छिपा कर रखा गया है।“
नया नियम के समय, यूनानी शब्द “भेद“ का एक विशेष अर्थ था। कुछ “भेदमय धर्म“ थे, जिनमें लोगों को गुप्त संस्कार के माध्यम से शामिल किया जाता था। केवल उन लोगों को ही इन धर्मों में प्रवेश करने की अनुमति होती थी जो इन गुप्त संस्कार और दीक्षा में से होकर गुजरते थे। इसलिए, पौलुस द्वारा “भेद“ का उपयोग का तात्पर्य यह नहीं है कि कुछ ऐसा नहीं है जिसे कभी भी समझा नहीं जा सकता है। अधिक सटीक रूप से, इसका अर्थ कुछ ऐसा है जिसे केवल शुरुआत से समझा जा सकता है—जो इस समझ में प्रवेश करने के लिए शर्त पूरी कर चुके हैं।
इस शब्द का उपयोग करने के द्वारा, पौलुस यह प्रकट कर रहे हैं कि मसीही विश्वास में एक भेद है—कुछ ऐसा जिसे युगों और पीढ़ियों से छिपा कर रखा गया है। पुराने समय के सभी महान पुरुष, सभी दार्शनिक, सभी ज्ञानी, सभी राजा और विजेता इस भेद को कभी नहीं जान पाए। यह इस वर्तमान युग में हमारे लिए आरक्षित था। पौलुस का कहना है कि जो कुछ छिपाया गया है वह अब संतों पर प्रकट किया गया है। क्या यह आपको उत्साहित नहीं करता है? क्या हम उन लोगों में शामिल होने के लिए सौभाग्यशाली नहीं हैं जिनपर अब यह भेद प्रकट किया गया है—जो पहले कभी प्रकट नहीं किया गया था, यहाँ तक कि सबसे बुद्धिमान पुरुषों पर भी नहीं?
तीन लघु षब्द
परमेश्वर चाहता है कि “अन्यजातियों के बीच इस भेद की महिमामय समृद्धि के बारे में जाना जाए।” यूनानी भाषा में अधिक शाब्दिक रूप से, “इस भेद की महिमा के धन।” पौलुस लगभग शब्दों से बाहर जाकर यह बताने की कोशिश कर रहा है कि यह भेद कितना रोमांचक है। भेद क्या है?
इस सवाल का जवाब लंबे, जटिल शब्दों के साथ कुछ महान दार्शनिक आलेखों में प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिन्हें ज्यादातर लोग समझ नहीं सकते हैं। मैं एक पेशेवर दार्शनिक था, इसलिए मैं विशेष रूप से शास्त्रों की सरलता की सराहना करता हूँ। मुझे दार्शनिक इम्मानुएल कांट के लेखन को पढ़ना याद है, जहाँ एक वाक्य कभी-कभी बिना अवधि के दो पृष्ठों तक खिंच जाता है। शुक्र है कि बाइबल भेदों को इस प्रकार प्रकट नहीं करती है। हम जिस महिमामय भेद की खोज कर रहे हैं वह तीन छोटे शब्दों में प्रकट किया गया है।
भेद क्या है? आप में मसीह। यह सबसे रोमांचक सत्य है जो कभी भी मानवता के लिए प्रकट किया जा सकता है! पवित्र आत्मा के माध्यम से, मसीह, परमेश्वर का अनन्त पुत्र, हम में हो सकता है। हम में व्यक्तियों के रूप में; ईश्वर के लोगों के रूप में हमारे बीच। यह गौरव की आशा है।
महिमा की आशा क्या है? आप में मसीह। मुझमें मसीह। यही भेद है—वह भेद जिसे परमेश्वर ने हमारे लिए आरक्षित किया है। क्या आप विशिष्ट महसूस नहीं कर रहे हैं? जब आप उसके बारे में सोचते हैं तो क्या आप उत्साहित नहीं होते हैं? क्या आप महसूस कर पा रहे हैं कि आपके अंदर मसीह होने का अर्थ क्या है? इसका तात्पर्य है कि आपका महिमा की आशा है।
केवल दो संभावनाएँ
उन लोगों के बारे में क्या जिनमें मसीह नहीं है? यह इस बात के काफी विपरीत है कि विश्वासियों के रूप में यह महिमामय भेद हमारे लिए क्या मायने रखता है। आइए उन लोगों की स्थितियों के बारे में पौलुस के उज्ज्वल वर्णन पर नजर डालें जो मसीह के बाहर हैं। इफिसियों 2:11-12 (एनआईवी अनुवाद) में, अन्यजातियों को लिखते हुए पौलुस याद दिलाते हैं कि मसीह के बिना जीवन कैसा था:
इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतनावाले कहलाते हैं, वे तुम को खतनारहित कहते हैं)। तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररहित थे।
कृपया नकारात्मक की उस भयानक सूची पर अच्छी तरह ध्यान दें। वे कितने क्रूर शब्द हैं! “मसीह से अलग; इस्राएल में नागरिकता से बाहर किया गया; प्रतिज्ञा की वाचा के लिए विदेशी।” (क्या आप कभी किसी ऐसे देश में विदेशी के रूप में रहे हैं जो आपका नहीं था? मैं रहा हूँ, और मुझे पता है कि एक विदेशी होना क्या होता है। आप वास्तव में वहाँ के नहीं होते हैं। यही वह बात है जो पौलुस उन लोगों के बारे में कह रहा है जो मसीह के बिना हैं—वे विदेशी हैं; वे संबंधित नहीं हैं।) लेकिन मुझे लगता है कि अंतिम दो वाक्यांश सबसे दुखद हैंः “बिना आशा के और बिना परमेश्वर के।”
मुझे उन वाक्यांशों को दोहराने की अनुमति दें। मैं उन्हें आपकी सोच में जलाना चाहता हूँ। हो सकता है कि आप इस श्रेणी में हैं—जिस स्थिति का वे वर्णन करते हैं। यदि हाँ, तो आपको अधिक सावधानी से उन सभी पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
मसीह से अलग
इस्राएल में नागरिकता से बाहर किए गए
प्रतिज्ञा की वाचा के लिए विदेशी
संसार में बिना आशा के, और…
बिना परमेश्वर के हैं
प्रत्येक व्यक्ति के लिए, इसमें शामिल होने के लिए बस दो संभावित स्थितियाँ हैं। यदि आपके भीतर मसीह है, तो आपकी महिमा की आशा है। लेकिन यदि आप मसीह के बिना हैं, तो आप बिना किसी आशा के और परमेश्वर के बिना हैं।
आषा की अनिवार्यता
प्रत्येक व्यक्ति के लिए, इसमें शामिल होने के लिए बस दो संभावित स्थितियाँ हैं। यदि आपके भीतर मसीह है, तो आपकी महिमा की आशा है। लेकिन यदि आप मसीह के बिना हैं, तो आप बिना किसी आशा के और परमेश्वर के बिना हैं।
अब हम देख सकते हैं कि यह जानना कितना महत्वपूर्ण है कि आशा हमारे उद्धार का एक भाग है! आशा के बिना, हमारे पास मसीह नहीं है। मसीह के बिना, हमारे पास उद्धार नहीं है। आशा उद्धार का एक उपांग मात्र नहीं है। यह उद्धार का एक अनिवार्य हिस्सा है। हम आशा में बचाए गए हैं; हम आशा से बच गए हैं। आशा उस विश्वास पर बनी है जो उद्धार लाता है—लेकिन यह पूरे उद्धार का एक अनिवार्य भाग है। यदि हमारे पास यह आशा नहीं है, तो हम मसीह के बिना हैं। और यदि हम मसीह के बिना हैं, हम परमेश्वर के बिना हैं। हम विदेशी हैं। हमें बाहर किया गया है। हम अलग हैं। हम निराश हैं। इसमें होना कैसी भयानक स्थिति है!
परमेश्वर का धन्यवाद—इस संदेश को सुनने वाले हर किसी के लिए उस स्थिति में बने रहना आवश्यक नहीं है। यदि आप अपना जीवन परमेश्वर की ओर मोड़ेंगे और मसीह को स्वीकार करेंगे, तो आप मसीह के बिना नहीं रहेंगे। तब आप बहुत शीघ्र जान पाएँगे कि आपमें महिमा की आशा के होने का क्या तात्पर्य है। प्रभु हम में से हर एक को हमारी मुक्ति के बारे में सुनिश्चित होने में सहायता करे।
आपके बारे में क्या? जैसा कि आप इन शब्दों को पढ़ रहे हैं, क्या यह आपमें इस बात की पुष्टि करने की इच्छा उत्पन्न करता है कि आपमें मसीह है? क्या आप इस “महिमा की आशा“ का अनुभव करना चाहते हैं, जिसके बारे में हम बात करते आ रहे हैं?
यह हो सकता है कि आपने अभी तक यीशु मसीह को और उस आशा को जो वह लाता है, स्वीकार करने का निर्णय नहीं लिया है। या, हो सकता है, आपने यह निर्णय ले लिया है लेकिन आप इसकी पुष्टि करना चाहते हैं और उस आशा को पाना चाहते हैं जिसकी प्रतिज्ञा यीशु करते हैं।
आपकी स्थिति जो भी हो, आप इस रहस्यमय, महिमामय आशा में निश्चितता के साथ निम्नलिखित शब्दों की प्रार्थना के साथ आ सकते हैं।

Nemokamas parsisiuntimas
Šį mokomąjį laišką galima atsisiųsti, atsispausdinti ir dalytis juo asmeniniam ar bažnytiniam naudojimui.
Atsisiųsti PDFKodas: TL-L117-100-HIN









