Logo
Logo
सीखना
पुस्तकेंबाइबल कोर्ससंसाधन
स्टोरसमाचारसेवाकार्यबारे में
भारत Flag Icon

मेन्यू

  • होम
  • सीखना +
    • समाचार
    • सेवाकार्य
    • बारे में +
      • शामिल हों +
        • संपर्क +

            मुफ्त बाइबल शिक्षण प्राप्त करें

            जब आप हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लेते हैं, तो एक मुफ्त ईपुस्तक के साथ अपने डेरेक प्रिंस संग्रह की शुरुआत करें।

            मुफ्त बाइबल शिक्षण
            Logo
            Logo
            होमसीखनास्टोरसमाचारसेवाकार्यबारे मेंदान करें

            कॉपीराइट © 2026 डेरेक प्रिंस मिनिस्ट्रीज़. सभी अधिकार सुरक्षित

            संपर्कगोपनीयताकॉपीराइटलाइसेंससाइट नक्शा
            योग्य कौन होगा? | Derek Prince Ministries

            Trending Resources

            Featured Resources

            लोकप्रिय संसाधन

            आज प्रभाव डाल रही लोकप्रिय शिक्षाएँ

            मसीह विरोधी की आत्मा
            अंत समय
            आत्मिक युद्ध
            *Listen*Read

            उपलब्ध भाषाएँ

            लोकप्रिय

            मसीह विरोधी की आत्मा

            शिक्षा पत्र

            मसीह-विरोधी की आत्मा यीशु को मसीहा मानने का विरोध करती है और उनकी जगह झूठे मसीहा को लाना चाहती है।

            Wer ist der Heilige Geist?
            आत्मिक फलों का निर्माण
            पवित्र आत्मा
            विश्वास की नींव
            *Listen*Read

            उपलब्ध भाषाएँ

            आत्मिक फलों का निर्माण

            शिक्षा पत्र

            डेरेक हमें बताते हैं कि कैसे हम अपने जीवन में पवित्र आत्मा के निरंतर कार्य के माध्यम से स्थायी फल ला सकते हैं

            Hoffnung
            आशा उद्धार का भाग है
            विश्वास की नींव
            Jesus
            *Listen*Read

            उपलब्ध भाषाएँ

            आशा उद्धार का भाग है

            शिक्षा पत्र

            आशा का उपहार जीवन के लिए स्थायी आधार है—जो हमें हर घंटे, हर दिन आगे बढ़ाता है।

            Our Value, Our Worth
            योग्य कौन होगा?
            आत्मिक युद्ध
            विश्वास की नींव
            *Listen*Read

            उपलब्ध भाषाएँ

            योग्य कौन होगा?

            शिक्षा पत्र

            इस पत्र में, डेरेक उस कहानी को खोलते हैं कि कैसे गिदोन एक डरपोक व्यक्ति से आज्ञाकारी योद्धा में बदल गया।

            Wer ist der Heilige Geist?
            कपट के लिए कोई स्थान नहीं
            पवित्र आत्मा
            *Listen*Read

            उपलब्ध भाषाएँ

            कपट के लिए कोई स्थान नहीं

            शिक्षा पत्र

            इस पत्र में, डेरेक यह इंगित करते हैं कि सत्य के लिए असली संघर्ष वह है जो मानव हृदय में होता है।

            Basics of Deliverance
            शत्रु की पहचान कैसे करें
            आत्मिक युद्ध
            *Listen

            उपलब्ध भाषाएँ

            शत्रु की पहचान कैसे करें

            उपदेश

            यीशु की दुष्ट आत्माओं पर अधिकार ने सबको चकित कर दिया। उन्होंने नई शिक्षा के साथ आदेश दिया और वे उनकी आज्ञा मानी।

            Basics of Deliverance
            शत्रु को कैसे बाहर निकालें
            आत्मिक युद्ध
            *Listen

            उपलब्ध भाषाएँ

            शत्रु को कैसे बाहर निकालें

            उपदेश

            राक्षस कैसे प्रवेश करते हैं? एक तांत्रिक पारिवारिक इतिहास या गर्भ में अस्वीकृति दरवाजा खोल सकती है।

            Exercising Spiritual Gifts
            पवित्र आत्मा प्राप्त करें
            पवित्र आत्मा
            *Listen

            उपलब्ध भाषाएँ

            पवित्र आत्मा प्राप्त करें

            उपदेश

            क्या आपको उद्धार के समय पवित्र आत्मा मिला या कुछ और है? इस महत्वपूर्ण अनुभव की उलझन सुलझाएं।

            Exercising Spiritual Gifts
            व्याख्या करना और भविष्यवाणी करना
            पवित्र आत्मा
            *Listen

            उपलब्ध भाषाएँ

            व्याख्या करना और भविष्यवाणी करना

            उपदेश

            पवित्र आत्मा में बपतिस्मा अलौकिक शक्ति का द्वार है। ईश्वर द्वारा दिए गए वाणी के वरदानों को समझें।

            Exercising Spiritual Gifts
            शक्ति और प्रकाशन के वरदान
            पवित्र आत्मा
            चंगाई
            *Listen

            उपलब्ध भाषाएँ

            शक्ति और प्रकाशन के वरदान

            उपदेश

            विश्वास का एक उपहार है जो विश्वास से अलग है। यह ईश्वर का अपना विश्वास है जो आपको पहाड़ों को हिलाने में सक्षम बनाता है।

            होम
            संसाधन
            योग्य कौन होगा?

            योग्य कौन होगा?

            Derek Prince

            डेरिक प्रिंस हिंदी में

            25
            साझा करें
            सुने
            हिन्दी

            उपलब्ध भाषाएँ

            गवाही भेजें

            प्रस्ताव

            दें

            Published: 2018

            Last Updated: सितंबर 2026

            Read Time: 9

            आत्मिक युद्ध
            विश्वास की नींव

            "क्या आप अपना चेहरा पानी में डुबोते हैं?" डेरेक गिदोन की कहानी को खोलते हैं। वे दिखाते हैं कि कैसे परमेश्वर ने गिदोन को एक डरपोक, भयभीत व्यक्ति से आज्ञाकारी और विजयी योद्धा में बदल दिया, और कुछ ऐसे बिंदु साझा करते हैं जो हमारे लिए भी प्रासंगिक हैं। हमें आशा है कि आप गिदोन के जीवन से डेरेक की गहरी समझ को अपने यीशु मसीह के साथ चल रहे संबंध में लागू कर पाएंगे।

            इस शिक्षण पत्र श्रृंखला में हमारा मूल्य, हमारी कीमत विषय पर, हम देख रहे हैं कि बाइबल मानव व्यक्तित्व के बारे में क्या कहती है।

            जैसा कि मैंने दूसरे भाग में साझा किया, बाइबल एक अनोखे प्रकार का दर्पण है, जो हमें दिखाता है कि हमारे व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू को कैसे कार्य करना चाहिए। परमेश्वर के दर्पण का सही उपयोग करने से हमें आंतरिक निराशा, असामंजस्य और असफलता से बचाया जा सकता है।

            ईश्वर हमें कैसे देखते हैं

            हा ल ही में, प्रभु के वचन यशायाह ५५:८-६ से मैं काफी प्रभावित हुआ।

            "क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं हैं, न तुम्हारी और मेरी गति एक सी है। क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरी और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर हैं।"

            हमारे विचारों की दूरियों के विषय में सोच रहा था, तब मुझे गिदोन और उसकी सेना के बारे मे याद आया जो न्यायियों के ६-८ पदों में दिखाया गया हैं।

            इस वक्त इस्त्राएल पाप और मूर्तिपूजन में गिर गया और परमेश्वर का न्याय उन पर आ गया और हर वर्ष मिद्यानियों की सेना आक्रमण कर उन्हें और उनकी फसल को लूट ले जातें थें।

            एक दिन, जब गिदोन अपना अनाज तैयार कर रहा था और मिद्यानियों से छिपाने की कोशिश कर रहा था तभी परमेश्वर का दूत प्रकट हुआ और उससे कहा,

            "हे शूरवीर सूरमा" (न्यायियों ६-१२)।

            स्पष्ट रुप में परमेश्वर ने गिदोन को अलग नज़रिये से देखा जो उसके अपने नज़रिये से भिन्न था। गिदोन ने अपने आपको एक युवा, कमजोर और अप्रभावशाली रुप में देखा था। परन्तु परमेश्वर ने उसे “हे शूरवीर सूरमा” करके पुकारा।

            जैसे मैंने पहले कहा, हमें यह चिंता नहीं करनी चाहिये कि हम अपने आपको कैसे देखते है परन्तु हमे इस बात पर ध्यान देना चाहिये कि परमेश्वर हमें किस रुप में देखता है। यदि मसीह में हम सबने "नये मनुष्यत्व को पहन लिया हैं जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धार्मिकता, और पवित्रता में सृजा गया है" (इफिसियों ४:२४)।

            हम यदि अपने आप को इस प्रकार देखें तो अवश्य ही हमारे इस युद्ध के दौरान काफी प्रभाव पड़ेगा। परमेश्वर ने गिदोन को आज्ञा दी कि वह इस्त्राएल को मिद्यानियों से युद्ध करने में नेतृत्व करे।

            गिदोन ने सेना को हरोद के सोते के पास इकटठा किया जिसके उत्तर दिशा में मिद्यानियों ने पड़ाव डाला था।

            क्या गिनती थी दोनों तरफ की?

            • गिदोन की सेना ३२,०००
            • मिद्यानियों की सेना १,३५,०००

            और गिदोन ने ३२,००० पुरुषों के साथ (देखें न्यायियों ७ः३) मिद्यानियों की सेना का सामना किया (देखें न्यायियों ८ः१०) ।

            परमेश्वर ने गिदोन को निर्देश दिया कि जो कोई भी भयभीत है उसे वापस भेज दिया जाए। परिणाम स्वरुप २२,००० पुरुष जन वापस लौट गये और गिदोन के साथ रह गये केवल १०,००० पुरुष । यहाँ तक कि उस के पास प्रति तेरह के लिये एक का अनुपात था।

            परन्तु परमेश्वर फिर भी न रुका! उसने गिदोन से कहा,

            "लोग अब भी अधिक है"।

            फिर परमेश्वर ने गिदोन को निर्देश दिया कि वह अपने लोगों को सोते के पास नीचे ले जाए, जहाँ वह उन्हे उनके पानी पीने के तरीके से परख सके। वह सब जो घुटने टेककर पानी पीये उन सब को अलग कर दिया गया। जिन्होने मुहँ में हाथ न लगाते हुए, कुतों की नाई पानी पिया वे चुन लिये गये (देंखे न्यायियों ७:४-७) ।

            यह परख केन्द्रित करती है एक विशेष स्वभाव को जो हैः चौकन्ना।

            एक योद्धा के व्यक्तित्व का निर्माण “एक महत्वपूर्ण स्वभाव की आवश्यकता”

            पहला चित्र उनका है जिन लोगों ने साधारण रुप से पानी पीयें। उन्होंने बायें हाथ से ढ़ाल को नीचे रखा और घुटने टेककर मुँह को पानी से लगाकर पीने लगे। इस स्थिति में, वे एक आकस्मिक आक्रमण में आसानी से चोट खा सकते थे। वे नही अपनी ओर बढ़ते दुश्मन को देख सकते और न ही वे अपने हथियार को इस्तेमाल करने के लिये तैयार है। जब तक वे अपने आप को तैयार करते दुश्मन उनपर हावी हो जाता।

            उनका क्या जिन्होनें कुत्तों की नाई चपट-चपट कर पानी पीया? जब एक कुत्ता पानी पीता है, वह अपनी नाक पानी में ड़ाले बगैर अपनी जीभ के द्वारा पानी चारों तरफ छिड़क जाता हैं।

            फिर हम किस प्रकार चित्रित करें उन जनों का जो हाथ में पानी चपट कर पीयें? न्यायियों ७ः६ कहता है कि, वे अपने हाथ को कटोरा आकार मे बनाकर पानी को अपने मुँह तक ले गये।

            और अपनी बरछी या तलवार जिसे आसानी से उठाकर इस्तेमाल कर सके। दुश्मन को कोई मौका न था कि एकाएक उनके बिन देखे उन पर आक्रमण कर सकें।

            गिदोन के सिर्फ ३०० जन इस दूसरी परख मे चुन लिए गये। वे १,३५,००० मिद्यानियों का सामना कर रहे थे। अब रह गये प्रति ४५० मे १।

            मैं चित्रित कर सकता हूँ कुछ जनों को जिन्हें वापस भेज दिया गया, वे स्वयं कहने लगे, "चलो, परमेश्वर का धन्यवाद हो कि हम अलग हुए ! वह गिदोन का दिमाग ठिकाने पे नही हैं। इससे क्या फर्क पड़ता है कि कोई पानी किसी भी तरह से पीये? देखें क्या होता है उसका और उन बेवकूफों का जो उसके साथ हैं।"

            आखिरकर गिदोन और उसके तीन सौ जनो ने एक ऐसा आकस्मिक आक्रमण किया जिससे मिद्यानी उलझन में पड़ गयें। उसके पश्चात् इस्राएली गिदोन के पीछे हो लिये और मिद्यानियों पर पूर्ण विजय प्राप्त की।

            यह पूरी बात यह दर्शाती है कि परमेश्वर के मार्ग हमसे कितने भिन्न हैं। अगर गिदोन को देखें तो वह स्वयं इस निष्कर्ष में रहा होगा कि, "मेरे साथ बहुत कम लोग हैं। मुझे अपनी सेना की संख्या बढ़ानी चाहिए।" परन्तु परमेश्वर का नज़रिया उससे भिन्न था।

            वह यह कि "जो लोग तेरे साथ है वे काफी है।" अन्त में गिदोन के पास सौ में से एक था जो उसके साथ जुड़े थे। परन्तु परमेश्वर के लिये यह प्रश्न नहीं उठता है कि “कितने लोग?", बल्कि यह कि "किस प्रकार के लोग?"

            व्यक्तिगत मूल्यांकन

            इस घटना के आधार पर हमें स्वयं एक व्यक्तिगत जाचँ करनी चाहिए।

            • परमेश्वर की सेना में जो आज इकट्ठा हो रही हैं, क्या मैं उन चुनें हुओं में से हूँ?
            • या मैं उन २२,००० में से हूँ जो डर को अपने जीवन में लाये ?
            • या उन ६,७०० लोगों में जिन्होने प्यास बुझाने के लिए अपने हथियार नीचे डालकर, अपने मुँह को पानी में दिये ?

            यह बहुत आसान व स्वाभाविक है कि हम अपने मुहँ को अपने दैनिक जीवन में गढ़ा दें; या हम अपने व्यवहारिक जरुरतों को पूरी करने में खो जाते है; या हम भूल जाते है कि हम उन अन्धकार की ताकतों से एक आत्मिक लड़ाई लड़ रहे है जो घात लगाये बैठे है और इस ताक में है कि हम किस वक्त तैयार नहीं है।

            हर परिस्थिती में चौकसी को कायम रखने के लिए जरुरत है सचेत होना और व्यक्तिगत अनुशासन रखना । फिर भी नया नियम हमें यह चेतावनी देता है कि "सचेत रहो;

            क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह की नाई इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़खाये" (१ पतरस ५:८)।

            अगर हम इस चेतावनी को नज़रअंदाज कर एक योद्धा के व्यक्तित्व का निर्माण दें तो हम सूक्ष्मबुद्धि होने में पराजित होते है और हमें शैतान के आक्रमण का पहले से ज्ञात नहीं होता।

            उदहारण के रुप में हमारे अवकाश के विषय ही देखिये। मैंने और रुत ने देखा कि हम यह सेवकाई प्रभावशाली रुप में नहीं ले जा सकते अगर समय समय में हम कुछ दिनों का अवकाश नहीं लेते। (हमारा अवकाश हकीकत में यह था कि परमेश्वर के साथ कुछ वक्त बिताना)।

            परन्तु मैनें एक बात सीखी कि शैतान कभी छुट्टियाँ नहीं लेता। जब हमें लगता है कि हमें कुछ आराम की सख्त ज़रुरत हैं, तब शैतान हम पर ऐसे दबाव डालता है जिसका हमे पूर्व ज्ञान नहीं हो पाता और हम पकडे जाते, क्योंकि हम हथियार तुरन्त उपयोग में लाने में सक्षम नहीं होतें।

            इसका मतलब, क्या हमने कभी छुट्ठियाँ नही ली? बिल्कुल नहीं! इसका मतलब यह है कि हमने उन आराम के वक्त भी अपना मुँह पानी में नही गड़ाये; हमने अपने हथियार नीचे नही ड़ाले। हमने यह सीखा कि इन वक्तों में हमे ज्यादा चौकस रहना चाहिए।

            यह एक उदाहरण है जिसे हम और भी जगहों पर उपयोग में ले सकते है जैसे: पारिवारिक संबध में, व्यवसाय की गतिविधियों में, खास उत्सवों में या शिक्षा के मौकों में। हम इन सब में शामिल हो सकते हैं, हमारे मुँह को इनमे गड़ाये बिना।

            याद रखें, गिदोन की सेना बहुत ही कम थी लगभग चार सौ के मुकाबले एक! क्या आज यह परिमाण अलग है?

            एक बार हम चौकसी की परख में चुन लिये जाये, तो यह सिर्फ एक शुरुआत हैं। अब हम देखेंगे हमारी तैयारी हमारे व्यक्तित्व को किस प्रकार प्रभावित करती है और स्पष्ट करती है हमारे अगले क्रम के लिए जो एक सैनिक प्रकृति का निर्माण करती हैं।

            *Prayer Response

            Dear Lord, I’m sorry I’ve allowed the blows and assaults of the devil to affect how I see myself. I want to see myself the way You see me—as a mighty person of valor. I choose not to hide any longer; I choose not to be afraid. Instead I ask You to empower me to love You, to serve You, and to bring forth Your Kingdom on earth.

            I humbly ask You to do for me what You did for Gideon. I take my face out of the water and I look full in Your face, Jesus. I release my life, my fears, my gifts—everything I am and everything I have—into Your hands. I commit myself fully to You now. Amen.

            मैंने प्रार्थना की है
            25
            साझा करें
            Expand Content
            Ad Image

            मुफ़्त डाउनलोड

            यह शिक्षण पत्र व्यक्तिगत या कलीसिया के उपयोग के लिए डाउनलोड, प्रिंट और साझा करने के लिए उपलब्ध है।

            पीडीएफ डाउनलोड करें

            कोड: TL-L123-100-HIN

            भेंट
            दें
            प्रतिक्रिया भेजें